Sep 12, 2010

तुम..

दोस्ती के पन्नो पर लिखी जो खुद खुदा ने,
वो एक बहुत ही दिलचस्प सी किताब हो तुम.
वैसे तो हैं कई रंग के फूल हैं इस दुनिया में,
रिश्तों के फूल पर जैसे एक खिलता गुलाब हो तुम.
कुछ लोग कहते हें के दोस्त अच्छे नही होते मंगल,
उन लोगों के हर सवाल पर मेरा बस एक जवाब हो तुम...

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