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Jul 26, 2010

अभी न जाओ छोड़कर,

अभी न जाओ छोड़कर,
तुम्हे मेरी हैं कसम.
तुम ही तो हो दिलबर मेरे,
तुम ही तो हो मेरे सनम.
तुम रहते हो खफा-खफा,
हैं ये सजा किस बात की?
आओ सनम लग जाओ गले,
ये रात हैं पहली मुलाकात की.
एक बार तो कह दो जरा ,
मैं कौन हूँ तेरे लिए?
बंदगी तो मैं करता नहीं,
हैं खुदा तू अब मेरे लिए.
एक आप है और एक इश्क ये,
दोनों ने ही मुझे गम दिए.
बस है तो ख़ुशी इस बात की मंगल,
की जितने दिए बड़े कम दिए.....

Apr 2, 2010

"नीयत थोड़ी सी खराब हो जाये..."

ऐ! खुदा मेरे इश्क में अब तो कुछ इन्कलाब हो जाये,
उनके दिल में भी मेरे लिए मोह्हब्बत बेहिसाब हो जाये.
हर एक सवाल से कर जुदा उनको बना दे एक सवाल मेरे लिए,
या फिर मेरी जिंदगी उनके हर सवाल का आखिरी जवाब हो जाये.
काँटे सारे निकल कर राहो से उनकी आ जाये पाबस्ता मेरी हथेली पर,
और मेरी राहो का हर तिनका बस उनके लिए सुर्ख लाल गुलाब हो जाये.
अगर मैं लिखू खुद को चाहत की स्याही से मोह्हब्बत के नाजुक से पन्नो पर,
कोई एक तारा टूटे कहीं पर और वो पन्ने उनकी सबसे पसंदीदा किताब हो जाये.
इस तरह टूट कर चाहना किसी एक-तरफ़ा जिंदगी के लिए अच्छा नहीं मंगल,
गर हो सके तो इस दफा खुदा मेरे लिए उनकी भी नीयत थोड़ी सी खराब हो जाये...

Feb 27, 2010

"होली का त्यौहार"

आज फिर फिजा में छाई रंगों की बहार हैं,
शायद आया फिर से होली का ही त्यौहार हैं.
रंग, गुलाल और अबीर को तो अब छोडो भी,
लेकर भांग और ठंडाई हर कोई दिल से तैयार हैं.
कहीं पर शोर हैं गर फागुन के चुलबुले से गीतों का,
तो कहीं पर होली के बहाने से हो रहा प्यार ही प्यार हैं.
अगर हो मुमकिन तो दिल से सबसे आज गले मिल लो,
क्यूंकि इश्क और मोहब्बत पर टिका ये सारा संसार हैं.
बस अब लेने दो सब को मजा इस रंगीन होली का मंगल,
कहने से कुछ हासिल नहीं वहा जहाँ हर कोई समझदार हैं...

Dec 26, 2009

"इश्क किया नहीं जाता बस खुद-ब-खुद हो जाता हैं."

लो इन दिनों दिल मेरा कुछ अजीब सा हैं,
मानो या न मानो तुम कोई मेरे करीब सा हैं.
मैं तो हर एक पल उनकी ही यादों में खोया हूँ,
वो न दिखे जब भी मुझको तो मैं खूब रोया हूँ.
इस एक तरीके से जिंदगी को गुनगुना रहा हूँ,
खुशी हो या गम बस प्यार का गीत गा रहा हूँ.
तुम चाहो तो भी मेरी तरह से नहीं जी सकते मंगल,
क्यूंकि इश्क किया नहीं जाता बस खुद-ब-खुद हो जाता हैं.....