Nov 11, 2009

"खुदा ने ज़मीं पर हैं बुलाया"

आज देखकर उनको फिर से एक वही ख्याल आया,
उनकी मौजूदगी देती है मुझको तेज़ घनी धूप में साया.
अगर उन्होंने खुद को हम से छुपा लिया तो क्या होगा?
इस एक डर ने मुझे कल रात भर पूरे आंसुओं से था रुलाया.
बस उनके सहारे सारी दुनिया से लड़ने का माद्दा रखता हूँ मैं,
हार तभी सकता हूँ किसी से गर उन्होंने न मेरा हौसला बढाया.
हाँ इसी एक तरीके से अपनी पूरी जिंदगी बिता देगा यहाँ मंगल,
क्योंकि सिर्फ उनके लिए मुझे खुदा ने इस ज़मीं पर हैं बुलाया....

No comments:

Post a Comment