Nov 27, 2009

कमसिन जवानी

देखकर  आपकी  इस  तड़पती  कमसिन  जवानी  को ,
मेरे  भी  लबो  पर  मीठा  सा  पानी  आ  गया .
जो  एक  बार  दिखाया  मैंने  आपको  कुछ  अपना ,
वो  एक  बार  में  आपके  मन  भा  गया .
तेरे  इन  लाल -लाल  लबों  की  रसभरी  फांकें ,
इनको  चूस -चूसकर  पीने को  मन  करता  है .
कहीं  खता  न  हो  जाये  दोनों  से  जरा  बहक  कर ,
इस  एक  बात  के  लिए  शायद  तेरा-मेरा  मन  डरता  हैं .
छोडो  अब  इस  जमाने  की  बातों  को  मेरे प्यारे से हमदम  ,
आज  तो  कुछ  देर  के  लिए  तू  पास  मेरे  आजा .
टूट  जाने  दे  बीच  की  हर -एक  दीवार  को मंगल ,
आज  तो  कुछ  इस  तरह  से  तू  मुझ  में  पूरी समां  जा .

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