Nov 19, 2009

बेकाबू मन

आज फिर से मेरा दिल वैसे ही घबराता हैं,
जैसे कोई अपना जिंदगी से दूर कहीं जाता हैं.
लाख कोशिशों के बाद भी याद तो जाती नहीं हैं ,
और एक ये बीती हुई जिंदगी वापस आती नहीं हैं.
हर एक धड़कन तो अब भी उनका ही नाम लेती हैं,
मगर दुनिया के डर से आंसू बाहर निकल नहीं पाते हैं.
बस इस तरह से सारी उम्र कट जायेगी तेरी यूँही मंगल,
सिर्फ हो सके तो अपने इस बेकाबू मन पर थोड़ा सा काबू रखना...

वो भी मुझे चाहते हैं"

अपने सनम की हर एक अदा पर हम जान से जाते हैं,
और वो बेगैरत इसे दिल्लगी का हसीं बहाना बताते हैं.
हर दफा खुद को एक और मौत मरने से रोका है हमने,
जब-जब मेरे सनम देखकर मुझे थोड़ा धीमे से मुस्कुराते हैं.
आज तक नहीं समझ सका हूँ की क्या है दिल है दिल में उनके?
अरे! कभी तो लगातार देखते है मुझको तो कभी नजरे चुराते हैं.
क्या खूब आ रही थी खुशबू कल शाम लम्बी जुल्फों से उनकी?
शायद वो ही इस सारे जहाँ को अपनी ताज़ी महक से महका रहे हैं.
सच में हर उस वक़्त मैं आज भी खड़ा रहता हूँ राहों में घर की उनकी,
जब-जब सुबह और शाम वो अपने घर से कहीं बाहर आतें और जातें हैं.
हाँ, इस एक चाहत की वजह से ही जिंदगी को खुशी से जी रहा हैं मंगल,
कि मेरे जैसे न सही मगर अपने दिल में थोड़ा सा तो वो भी मुझे चाहते हैं....

Nov 18, 2009

You my true Ecstasy

Your love is a drug to me,
I couldn’t get an enough of you,

The way you had touch,

Had put my soul in easy,

Every time I make love to you,

I feel like I am flowing on heavy clouds,

Your sex is a like addiction to me,

I keep coming back for more,

Your looks and your charms what made me high,

Feasting mine soul with your fat long manhood squeezing inside of me,

Had bring out lust in my eyes,

Rubbing my hand so gentle on your chest,

I couldn’t resist smell your strong sweet body mist had bring essence in me,

You will feel my hot kisses, kissing on chest,

Night and Day, I couldn’t stop thinking about you…

Just because that you are my true Ecstasy...

Nov 15, 2009

शक

भला कौन इंसान तन्हाई में नहीं रोता है,
भला किसके सीने में कोई दर्द नहीं होता है.
जब जिंदगी को जीना है तो ख़ुशी से ही जियो मंगल,
भला नाकामी में किसको खुद के अस्तित्व पर शक नहीं होता है..

झूठी चाहत मुबारक हो

मुझे याद है अब तक तेरा वो धीमे से मुस्कुराना,

धीरे -धीरे चोरी से मेरे दिल को यूँ अदा से चुराना.

जब भी चाहा तो मुझसे तूने दिल्लगी सी कर ली,

मेरे रूठ जाने पर फिर एक अदा से मुझको रिझाना.

आप कुछ इस तरह से मुझ से चाहत करते रहे हैं,

मोहब्बत में आपकी याद में हम हर-दम मरते रहे हैं.

चलो रहने दो इस एक तरफा आशिकी को अभी मंगल,

तुझे गम और उनको उन गैरो की झूठी चाहत मुबारक हो.......

Nov 14, 2009

"क्या तुमको भी वैसा ही प्यार हैं? "

देखता हूँ जब भी आप को तो जाने क्या होता है?
सपने आते हैं आपके और दिल जाने कहा खोता है?

आजकल हर वक़्त रहता मुझको ख्याल बस एक आपका,

पूछे कोई कुछ भी पर लगता है सवाल बस एक आपका.

इस तरह से आप मेरे दिल और इस दिमाग पर छा गए,

सपनो को रहने दो अब तो दिन के खयालो में भी आ गए.

क्या इस तरह से ही मुझको अपने दिल का दर्द सहना होगा?

या आज अभी मिलकर तुमसे कुछ मुझे सच में कहना होगा.

चलो बिना किसी खास तरीके के सीधे शब्दों में पूछ ही लेता है मंगल ?

की जैसे मैं चाहता हू तुमको क्या तुमको भी वैसा ही प्यार हैं?

Nov 11, 2009

"खुदा ने ज़मीं पर हैं बुलाया"

आज देखकर उनको फिर से एक वही ख्याल आया,
उनकी मौजूदगी देती है मुझको तेज़ घनी धूप में साया.
अगर उन्होंने खुद को हम से छुपा लिया तो क्या होगा?
इस एक डर ने मुझे कल रात भर पूरे आंसुओं से था रुलाया.
बस उनके सहारे सारी दुनिया से लड़ने का माद्दा रखता हूँ मैं,
हार तभी सकता हूँ किसी से गर उन्होंने न मेरा हौसला बढाया.
हाँ इसी एक तरीके से अपनी पूरी जिंदगी बिता देगा यहाँ मंगल,
क्योंकि सिर्फ उनके लिए मुझे खुदा ने इस ज़मीं पर हैं बुलाया....