Seekha hai khub dil ko churana,
Banana diwana aur yun tadpana.
Dekhna mujhe khud ko chipakar,
Dekha maine to kya sharmana.
Seekha hai khub..................................
Pehle aankhon se jadu chalaya,
Phir baton se mujhe behkaya.
Aapne to keh diya haal-e-dil,
Aur mera na kuch keh pana.
Seekha hai khub...................................
Na niklo ghar se ban-sawarkar,
Mera dil par kabu hota nahi hai.
Khud to sote hai wo chain se,
Aur humko aise tanha jagana.
Seekha hai khub......................................
Hi, this blog is created to publish my feelings and experiences about this life and the world..through my words or poems. In this blog ,every posted poem is my own creation and no one can use these poems with his credit.. so add me in the list of your favorites and visit my life via this blog and my poems... Thank you... Jaimangal Singh, Ek Aur Shayar....
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May 20, 2010
Apr 28, 2010
“AAPKO JAB SE MAINE HAI DEKHA”
AAPKO JAB SE MAINE HAIN DEKHA,
AAP HI MUJH PE CHAYE HUE HAI.
BAN GYE MERE DIL KI TAMMANA,
AAP HI DIL KO BHAYE HUE HAI.
AAPKI HAR ADA KAATILANA,
KAATILANA HAI YE MUSKURANA.
AAPKI JULFE UDTI HAWA ME ,
KALE BAADAL SE CHAYE HUE HAI.
KEHNE KO TO HOOON AASHIQ TUMHARA,
TERE DIL PE JOR CHALTA NAHI HAI.
JAKE KAISE MAIN SABKO BTA DOON,
KYA SITAM TUNE DHAYE HUE HAI.
PEHLE MAIN THA KHUDA KA NAMAJI,
AB TO MASZID ME JATA NAHI HOON.
AB TO APNE HI DIL KA KHUDA HUM ,
AAPKO HI BANAYE HUE HAI.
TUM TO KEHTE HO MAIN BHOOL JAU,
TO BATA DO JRA KAISE HOGA?
SAAF ZAHIR HAI YE BAAT MANGAL !
AAP DIL ME SAMAYE HUE HAI.
AAP HI MUJH PE CHAYE HUE HAI.
BAN GYE MERE DIL KI TAMMANA,
AAP HI DIL KO BHAYE HUE HAI.
AAPKI HAR ADA KAATILANA,
KAATILANA HAI YE MUSKURANA.
AAPKI JULFE UDTI HAWA ME ,
KALE BAADAL SE CHAYE HUE HAI.
KEHNE KO TO HOOON AASHIQ TUMHARA,
TERE DIL PE JOR CHALTA NAHI HAI.
JAKE KAISE MAIN SABKO BTA DOON,
KYA SITAM TUNE DHAYE HUE HAI.
PEHLE MAIN THA KHUDA KA NAMAJI,
AB TO MASZID ME JATA NAHI HOON.
AB TO APNE HI DIL KA KHUDA HUM ,
AAPKO HI BANAYE HUE HAI.
TUM TO KEHTE HO MAIN BHOOL JAU,
TO BATA DO JRA KAISE HOGA?
SAAF ZAHIR HAI YE BAAT MANGAL !
AAP DIL ME SAMAYE HUE HAI.
Feb 26, 2010
"अगर मैं लिखू"
अगर मैं लिखू उनकी काली-चमकीली जुल्फों को काली बदली के जैसा.
अब भला कोई बादल भी इतना कला और घना इन दिनों होता हैं कहीं.
अगर मैं लिखू उनकी दोनों आँखों को किसी म्रग जैसा तो मुमकिन नहीं,
जो कशिश हैं आँखों में उनकी वो अब वो हिरन में भी ढूंढें से मिलती नहीं.
हर दफा उन्होंने लुटा हैं हमे अपने रेशमी से चेहरे की दिल-कश लाली से,
लाख ढूँढने पर भी हमे ये लाली जहाँ की किसी बगिया में कहीं मिलती नहीं.
छिपा कर रखिये जरा अपने गुलाब की नरम पत्तियों से नाजुक गुलाबी लबों को,
हर शख्स पूछता हैं मुझसे की जाने क्यूँ अब ये सारे गुलाब पहले जैसे गुलाबी नहीं?
हो सके मुमकिन तो अब ऐसे हर एक बात पर मुस्कराना बंद कर दो मेरे हुजुर जरा,
इन दिनों यूँ चमकना आसमानी बिजली का जरा-जरा सी बात पर कोई अच्छा नहीं.
जब भी निकलो सरे-राह खुद को जरा सा आँचल के पीछे मेरे सनम छुपा कर रखना,
देखे कोई मेरे सिवाय तेरे इस शीशे से हुस्न को ऐसा कुछ भी दिल को मेरे जचंता नहीं.
अरे ! बलखाती चाल तो हैं तेरे महबूब की जैसे हवा में सरकता कोई सुखा सा पत्ता मंगल,
हर कदम पर अपनी अदाओ से धड़काना मेरे दिल को इश्क में कोई अच्छी बात नहीं...
अब भला कोई बादल भी इतना कला और घना इन दिनों होता हैं कहीं.
अगर मैं लिखू उनकी दोनों आँखों को किसी म्रग जैसा तो मुमकिन नहीं,
जो कशिश हैं आँखों में उनकी वो अब वो हिरन में भी ढूंढें से मिलती नहीं.
हर दफा उन्होंने लुटा हैं हमे अपने रेशमी से चेहरे की दिल-कश लाली से,
लाख ढूँढने पर भी हमे ये लाली जहाँ की किसी बगिया में कहीं मिलती नहीं.
छिपा कर रखिये जरा अपने गुलाब की नरम पत्तियों से नाजुक गुलाबी लबों को,
हर शख्स पूछता हैं मुझसे की जाने क्यूँ अब ये सारे गुलाब पहले जैसे गुलाबी नहीं?
हो सके मुमकिन तो अब ऐसे हर एक बात पर मुस्कराना बंद कर दो मेरे हुजुर जरा,
इन दिनों यूँ चमकना आसमानी बिजली का जरा-जरा सी बात पर कोई अच्छा नहीं.
जब भी निकलो सरे-राह खुद को जरा सा आँचल के पीछे मेरे सनम छुपा कर रखना,
देखे कोई मेरे सिवाय तेरे इस शीशे से हुस्न को ऐसा कुछ भी दिल को मेरे जचंता नहीं.
अरे ! बलखाती चाल तो हैं तेरे महबूब की जैसे हवा में सरकता कोई सुखा सा पत्ता मंगल,
हर कदम पर अपनी अदाओ से धड़काना मेरे दिल को इश्क में कोई अच्छी बात नहीं...
Feb 9, 2010
सनम के रंग में रंगीन कर ले...
उफ़ ये मोह्हब्बत के दिन भी कितने अजीब हैं?
कहने को वो दूर मुझसे पर दिल के करीब हैं.
कई सालो से मैं उनको कुछ कहना चाहता हूँ,
जाने किस डर से डर कर मैं चुप ही रह जाता हूँ.
आज मैं फिर उनके सामने इज़हार-ऐ-इश्क चाहता हूँ,
एक बार फिर अपने दिल की हिम्मत को आजमाता हूँ.
हाँ आज कल मौसम भी इश्क के रंग में रंगा हैं मंगल,
हो सके तो तू भी खुद को सनम के रंग में रंगीन कर ले...
कहने को वो दूर मुझसे पर दिल के करीब हैं.
कई सालो से मैं उनको कुछ कहना चाहता हूँ,
जाने किस डर से डर कर मैं चुप ही रह जाता हूँ.
आज मैं फिर उनके सामने इज़हार-ऐ-इश्क चाहता हूँ,
एक बार फिर अपने दिल की हिम्मत को आजमाता हूँ.
हाँ आज कल मौसम भी इश्क के रंग में रंगा हैं मंगल,
हो सके तो तू भी खुद को सनम के रंग में रंगीन कर ले...
Nov 27, 2009
बहुत याद आया
आज बिछड़ा हुआ एक दोस्त बहुत याद आया,
अच्छा गुज़रा हुआ कुछ वक्त बहुत याद आया,
कुछ लम्हे, साथ बिताए कुछ पल,
साथ मे बैठ कर गुनगुनाया वो गीत बहुत याद आया,
इक मुस्कान, इक हँसी, इक आँसू, इएक दर्द,
वो किसी बात पे हँसते हँसते रोना बहुत याद आया,
वो रात को बातों से एक दूसरे को परेशान करना,
आज सोते वक्त वही ख्याल बहुत याद आया,
कुछ कह कर उसको चिढ़ाना और उसका नाराज़ हो जाना,
देख कर भी उसका अनदेखा कर परेशान करना बहुत याद आया,
मुझे उदास देख उसकी आँखें भर आती हैं,
आज अकेला हूँ तो वो बहुत याद आया,
मेरे दिल के करीब थी उसकी बातें,
जब दिल ने आवाज़ लगाई तो बो बहुत याद आया,
मेरी ज़िन्दगी की हर खुशी मे शामिल उसकी मौजूदगी,
आज खुश होने का दिल किया तो वो बहुत याद आया,
मेरे दर्द को अपनानाने का दावा था उसका,
मुझ से अलग हो मुझे दर्द देने वाला बहुत याद आया,
मेरी कविता पर कभी हँसना तो कभी हैरान हो जाना,
सब समझ कर भी अन्जान बने रहना बहुत याद आया,
उनकी पुरानी तस्वीरों को लेकर बैठा है आज मंगल,
फिर मिलने की उम्मीद देकर जिसका अलविदा कहना बहुत याद आया
अच्छा गुज़रा हुआ कुछ वक्त बहुत याद आया,
कुछ लम्हे, साथ बिताए कुछ पल,
साथ मे बैठ कर गुनगुनाया वो गीत बहुत याद आया,
इक मुस्कान, इक हँसी, इक आँसू, इएक दर्द,
वो किसी बात पे हँसते हँसते रोना बहुत याद आया,
वो रात को बातों से एक दूसरे को परेशान करना,
आज सोते वक्त वही ख्याल बहुत याद आया,
कुछ कह कर उसको चिढ़ाना और उसका नाराज़ हो जाना,
देख कर भी उसका अनदेखा कर परेशान करना बहुत याद आया,
मुझे उदास देख उसकी आँखें भर आती हैं,
आज अकेला हूँ तो वो बहुत याद आया,
मेरे दिल के करीब थी उसकी बातें,
जब दिल ने आवाज़ लगाई तो बो बहुत याद आया,
मेरी ज़िन्दगी की हर खुशी मे शामिल उसकी मौजूदगी,
आज खुश होने का दिल किया तो वो बहुत याद आया,
मेरे दर्द को अपनानाने का दावा था उसका,
मुझ से अलग हो मुझे दर्द देने वाला बहुत याद आया,
मेरी कविता पर कभी हँसना तो कभी हैरान हो जाना,
सब समझ कर भी अन्जान बने रहना बहुत याद आया,
उनकी पुरानी तस्वीरों को लेकर बैठा है आज मंगल,
फिर मिलने की उम्मीद देकर जिसका अलविदा कहना बहुत याद आया
तुम भी अब जवानी में आ गए.....
जाने क्या सोच कर मोह्हब्बत की राह पर आगये,
क्या देखा उन्होंने मुझमे ऐसा जो उनको भी भागए.
हमने तो बस शेखी में यूँही कर दिए थे कुछ इशारे,
मगर वो तो फौरन ही असली मुद्दों पर आ गए.
मैंने जो पकड़ना चाहा था हाथो को हल्के से उनके,
वो तो एकदम से ही मेरे इन पहलुओ में समां गए.
बीच-बीच में थोडी-थोडी शरारत भी चलती रही,
और वो इस तरह से हमे प्यार करना ही सिखा गए.
अचानक से छु गयी थी उंगलिया उनके नाजुक लबो से,
और वो लेकर अपने लबो को हमारे लबो में ही समां गए.
काफी देर तक युही कोशिश करता रहा था उन पर मंगल,
तो आखिर में वो बोले की तुम भी अब जवानी में आ गए.....
क्या देखा उन्होंने मुझमे ऐसा जो उनको भी भागए.
हमने तो बस शेखी में यूँही कर दिए थे कुछ इशारे,
मगर वो तो फौरन ही असली मुद्दों पर आ गए.
मैंने जो पकड़ना चाहा था हाथो को हल्के से उनके,
वो तो एकदम से ही मेरे इन पहलुओ में समां गए.
बीच-बीच में थोडी-थोडी शरारत भी चलती रही,
और वो इस तरह से हमे प्यार करना ही सिखा गए.
अचानक से छु गयी थी उंगलिया उनके नाजुक लबो से,
और वो लेकर अपने लबो को हमारे लबो में ही समां गए.
काफी देर तक युही कोशिश करता रहा था उन पर मंगल,
तो आखिर में वो बोले की तुम भी अब जवानी में आ गए.....
यादें
इसकी यादें उसकी यादें,
आखिर मुझको क्यों आती है?
कल के उन भूले-बिसरे से पलो में ले जाती है.
क्यों उस वक़्त के चंद लम्हे
आज की एक मुद्दत में बदल से जाते है!
याद कर उन खास पलो को ,
होते है कभी गुस्सा तो कभी मुस्काते है.
अक्सर मेरी यादों में एक अजीब हूक सी उठती है!
जो पल भर मे किसी अपने को गैर
और किसी गैर को बिलकुल अपना करती है.
कभी भीनी सी खुशबू मे महकी यादें
बचपन मे खाई मिटटी की डली सी बन जाती है,
तो कभी वही यादें बिदाई की बेला पर
याद कर बहन की बातो को अकेले मे रुलाती है.
तभी तो रोज़ ही खुद से पूछता है मंगल,
की आखिर ये यादें क्यों आती है.....
आखिर मुझको क्यों आती है?
कल के उन भूले-बिसरे से पलो में ले जाती है.
क्यों उस वक़्त के चंद लम्हे
आज की एक मुद्दत में बदल से जाते है!
याद कर उन खास पलो को ,
होते है कभी गुस्सा तो कभी मुस्काते है.
अक्सर मेरी यादों में एक अजीब हूक सी उठती है!
जो पल भर मे किसी अपने को गैर
और किसी गैर को बिलकुल अपना करती है.
कभी भीनी सी खुशबू मे महकी यादें
बचपन मे खाई मिटटी की डली सी बन जाती है,
तो कभी वही यादें बिदाई की बेला पर
याद कर बहन की बातो को अकेले मे रुलाती है.
तभी तो रोज़ ही खुद से पूछता है मंगल,
की आखिर ये यादें क्यों आती है.....
रिश्ते भी एक-एक कर हाथो से खिशकते रहे..
रात के अंधेरो में यादो के जुगनू चमकते रहे,
रुकी हुई हवा में भी दर्द के फूल महकते रहे.
उनकी शोला आँखों से ये सर्द निगाहे क्या मिली,
मेरे सारे बदन के अन्दर अंगारे से दहकते रहे.
चाँद तो भटकता रहा है सूरज की तलाश में,
मेरे इस सुने दिल के आसमा मे तारे झपकते रहे,
गम की इन्तहा न पूछो बता नहीं पाउँगा तुमको,
उनके इंतजार मे मेरे जख्म तो रोते-बिलखते रहे.
उसकी चाहत का तो कोई सुराग न पा सका मंगल,
बाकी रिश्ते भी एक-एक कर हाथो से खिशकते रहे....
रुकी हुई हवा में भी दर्द के फूल महकते रहे.
उनकी शोला आँखों से ये सर्द निगाहे क्या मिली,
मेरे सारे बदन के अन्दर अंगारे से दहकते रहे.
चाँद तो भटकता रहा है सूरज की तलाश में,
मेरे इस सुने दिल के आसमा मे तारे झपकते रहे,
गम की इन्तहा न पूछो बता नहीं पाउँगा तुमको,
उनके इंतजार मे मेरे जख्म तो रोते-बिलखते रहे.
उसकी चाहत का तो कोई सुराग न पा सका मंगल,
बाकी रिश्ते भी एक-एक कर हाथो से खिशकते रहे....
प्यासी जवानी है......
जाने लोग कैसे पहुच जाते है इश्क में उस मुकाम पर,
जब बन जाते है वो एक-दूजे के लिए दिलजानी है.
मेरी और उनकी तो इश्क में बस इतनी सी कहानी है,
हमारी दो-दो सूजी हुई आँखे और उनमे बचा थोडा सा पानी है.
अपना दिया हुआ हर एक गुलाब किताबो में उनकी दम तोड़ चुका,
और उन्हें ये अब याद भी नहीं की ये किस आशिक की निशानी है.
अब तो याद करके गुजरेगी तमाम उम्र अपनी जब कहा था उसने,
अब तो वो भी बन चुकी शायद मेरे प्यार में पूरी की पूरी दीवानी है.
उफ़! यह जहाँ तो लूटता है अक्सर मज़े तमाम इस मोह्हबत में मंगल,
अगर बची है कोई बस प्यार के लिए तो वों शायद तेरी ही प्यासी जवानी है......
जब बन जाते है वो एक-दूजे के लिए दिलजानी है.
मेरी और उनकी तो इश्क में बस इतनी सी कहानी है,
हमारी दो-दो सूजी हुई आँखे और उनमे बचा थोडा सा पानी है.
अपना दिया हुआ हर एक गुलाब किताबो में उनकी दम तोड़ चुका,
और उन्हें ये अब याद भी नहीं की ये किस आशिक की निशानी है.
अब तो याद करके गुजरेगी तमाम उम्र अपनी जब कहा था उसने,
अब तो वो भी बन चुकी शायद मेरे प्यार में पूरी की पूरी दीवानी है.
उफ़! यह जहाँ तो लूटता है अक्सर मज़े तमाम इस मोह्हबत में मंगल,
अगर बची है कोई बस प्यार के लिए तो वों शायद तेरी ही प्यासी जवानी है......
Nov 15, 2009
शक
भला कौन इंसान तन्हाई में नहीं रोता है,
भला किसके सीने में कोई दर्द नहीं होता है.
जब जिंदगी को जीना है तो ख़ुशी से ही जियो मंगल,
भला नाकामी में किसको खुद के अस्तित्व पर शक नहीं होता है..
भला किसके सीने में कोई दर्द नहीं होता है.
जब जिंदगी को जीना है तो ख़ुशी से ही जियो मंगल,
भला नाकामी में किसको खुद के अस्तित्व पर शक नहीं होता है..
Oct 31, 2009
Aaina..
Unke kamre me aaj bhi ek bada sa aaina hai,
WO aaj bhi khud ko aaine ki nazar se dekhte hain.
Dekhkar aaine me khud ko poochte honge usse,
Ki kya aur koi bhi jahan me mujh sa hasin hain?
Is ek sawal par haskar jor se kehta hoga aaina unse.
har hassin jane kyu apne aaine se yahi poocha karti hain.
Wo janti hain ki aur bhi kai haasin hai is shaher me,
Phir bhi kyun samjh khud ko hasin khud par hi marti hai.
Agar de sako to tumhi jawab iska dedo aaine ko Mangal,
Ki aakhir kyun har hasin sada aaina hi dekha karti hain....
Oct 25, 2009
खुद को ही यहाँ बहकाने लगे हैं.
आजकल वो भी आँखों में नए सपने सजाने लगे हैं,
लगता हैं की वो भी उन इश्क की गलियों में जाने लगे हैं.
रखते हैं खुद को हर दम वो कुछ खिला-खिला सा ऐसे ,
जैसे किसी की नजरो में खुद को थोडा और चढ़ाने लगे हैं.
खूब सजना -सवारना और रहना हरदम बिलकुल चकाचक,
ऐसा लगता हैं जैसे दिन में दो बार वो आजकल नहाने लगे हैं.
इस तरह से नहीं जीता जाता हैं यहाँ दिल किसी का मंगल,
ये ऐसे हैं जैसे जान-बूझकर वो खुद को ही यहाँ बहकाने लगे हैं...
लगता हैं की वो भी उन इश्क की गलियों में जाने लगे हैं.
रखते हैं खुद को हर दम वो कुछ खिला-खिला सा ऐसे ,
जैसे किसी की नजरो में खुद को थोडा और चढ़ाने लगे हैं.
खूब सजना -सवारना और रहना हरदम बिलकुल चकाचक,
ऐसा लगता हैं जैसे दिन में दो बार वो आजकल नहाने लगे हैं.
इस तरह से नहीं जीता जाता हैं यहाँ दिल किसी का मंगल,
ये ऐसे हैं जैसे जान-बूझकर वो खुद को ही यहाँ बहकाने लगे हैं...
Oct 1, 2009
Como posso dizer
Como posso dizer o que penso sobre você
Palavras para descrever sua beleza são muito poucos
Beijos em seus lábios Eu sempre roubar
Meras palavras não podem dizer o que sinto
Como posso dizer o que sinto no meu coração
Eu sonho de realizar-se no escuro
Eu sonho de te amar no dia
Eu procuro profundamente para encontrar as palavras para dizer
Como posso dizer o que eu sonho na noite
Sonhos tão real, I feel you holding me tight
Feche os olhos e afastar-se durante o sono
Seu beijo doce eu gosto no meu sonho tão profundo
Como posso dizer o que eu quero que você ouça
Meus braços se mantenha sempre perto de você
Você é realmente bonita, eu quero que você saiba
Eu quero abraçar você e nunca deixar ir
Como posso dizer as palavras não consigo encontrar
Como posso dizer que todas as coisas em minha mente
Como posso dizer quando as palavras são poucas
Como posso dizer o quanto eu realmente amo você
Palavras para descrever sua beleza são muito poucos
Beijos em seus lábios Eu sempre roubar
Meras palavras não podem dizer o que sinto
Como posso dizer o que sinto no meu coração
Eu sonho de realizar-se no escuro
Eu sonho de te amar no dia
Eu procuro profundamente para encontrar as palavras para dizer
Como posso dizer o que eu sonho na noite
Sonhos tão real, I feel you holding me tight
Feche os olhos e afastar-se durante o sono
Seu beijo doce eu gosto no meu sonho tão profundo
Como posso dizer o que eu quero que você ouça
Meus braços se mantenha sempre perto de você
Você é realmente bonita, eu quero que você saiba
Eu quero abraçar você e nunca deixar ir
Como posso dizer as palavras não consigo encontrar
Como posso dizer que todas as coisas em minha mente
Como posso dizer quando as palavras são poucas
Como posso dizer o quanto eu realmente amo você
Sep 16, 2009
"I am still alone"
You tried to hide your nervousness
With the smile upon your face
But there were lines of pleasure there
A smile could not erase
Your face lit up when he walked in
You love him so, you see
I love you, you love him
But I am still alone.
He walked over to her table
A drink in his left hand
I noticed you no longer wore
Your golden wedding band
You reached out for him tenderly
Both of you kissed, oblivious of me
I love you, you love him
But I am still alone.
I stayed there in the shadows
'Till I could stand no more
Then I stood up and head for
The nearest exit door
Tomorrow I'll head out of town
And get on with my life
Leave behind the girl I love
To whom I wanna make my wife?
I lost you when you met him
I'm just a fool who couldn't see
That you loved him and I love you
But I am still alone.
With the smile upon your face
But there were lines of pleasure there
A smile could not erase
Your face lit up when he walked in
You love him so, you see
I love you, you love him
But I am still alone.
He walked over to her table
A drink in his left hand
I noticed you no longer wore
Your golden wedding band
You reached out for him tenderly
Both of you kissed, oblivious of me
I love you, you love him
But I am still alone.
I stayed there in the shadows
'Till I could stand no more
Then I stood up and head for
The nearest exit door
Tomorrow I'll head out of town
And get on with my life
Leave behind the girl I love
To whom I wanna make my wife?
I lost you when you met him
I'm just a fool who couldn't see
That you loved him and I love you
But I am still alone.
"Eu ainda estou sozinho"
Você tentou esconder o seu nervosismo
Com o sorriso em seu rosto
Mas não havia linhas de prazer lá
Um sorriso não pode apagar
Seu rosto iluminou-se quando ele entrou
Você o ama assim, você vê
Eu amo você, você o ama
Mas eu ainda estou sozinho.
Ele caminhou até sua mesa
Uma bebida na mão esquerda
Notei que já não usava
Sua banda bodas de ouro
Você chegou para ele com ternura
Ambos você beijou, esquecido de mim
Eu amo você, você o ama
Mas eu ainda estou sozinho.
Fiquei lá nas sombras
'Até que eu não poderia estar mais
Então me levantei e cabeça para
A porta de saída mais próxima
Amanhã vou a cabeça para fora da cidade
E começar com a minha vida
Deixar para trás a garota que eu amo
Para quem quiser fazer a minha esposa?
Eu perdi você quando você o conheceu
Eu sou apenas um tolo que não podia ver
Que você amava e eu te amo
Mas eu ainda estou sozinho.
Com o sorriso em seu rosto
Mas não havia linhas de prazer lá
Um sorriso não pode apagar
Seu rosto iluminou-se quando ele entrou
Você o ama assim, você vê
Eu amo você, você o ama
Mas eu ainda estou sozinho.
Ele caminhou até sua mesa
Uma bebida na mão esquerda
Notei que já não usava
Sua banda bodas de ouro
Você chegou para ele com ternura
Ambos você beijou, esquecido de mim
Eu amo você, você o ama
Mas eu ainda estou sozinho.
Fiquei lá nas sombras
'Até que eu não poderia estar mais
Então me levantei e cabeça para
A porta de saída mais próxima
Amanhã vou a cabeça para fora da cidade
E começar com a minha vida
Deixar para trás a garota que eu amo
Para quem quiser fazer a minha esposa?
Eu perdi você quando você o conheceu
Eu sou apenas um tolo que não podia ver
Que você amava e eu te amo
Mas eu ainda estou sozinho.
Sep 15, 2009
"मेरी कहानी"
मै हूँ एक और शायर अदना सा इस जहाँ में,
और ये मेरी शायरी सच में मेरी ही कहानी है.
क्या कुछ बिता है मुझ पर इस जिंदगी में,
वो सब कुछ आपके लिए शब्दों की ज़ुबानी है.
जब कभी दुआ करी थी हमने किसी खुशी के लिए,
खुदा भी हमको सिर्फ गम से ही बहकाते रहे थे.
जिस-जिस को चाह था कभी अपना बनाना यहाँ,
हर उस शख्स को ही अपने दुश्मनो में पाते रहें थे.
मैंने कभी न चाहा था बुरा किसी का अपनी जिंदगी में,
फिर क्यों ये जहाँ आज भी मुझसे रूठा-रूठा सा लगता है?
अगर कोई बातें भी कर ले कभी दो-चार मीठी सी मुझसे,
उसका हर एक लब्ज मुझे जाने क्यों झूठा-झूठा सा लगता है?
अगर चाहते हो कुछ प्यार की बातें करना यहाँ तुम गैरों से,
तो तुमको खुद ही पहले कुछ उनसे प्यार भरा कहना होगा!
इस तरह से जिंदगी नहीं गुजरती है जिंदगी भर यहाँ मंगल,
औरो से खुशी पाने के लिए तुमको भी थोडा सा खुशी से रहना होगा!
और ये मेरी शायरी सच में मेरी ही कहानी है.
क्या कुछ बिता है मुझ पर इस जिंदगी में,
वो सब कुछ आपके लिए शब्दों की ज़ुबानी है.
जब कभी दुआ करी थी हमने किसी खुशी के लिए,
खुदा भी हमको सिर्फ गम से ही बहकाते रहे थे.
जिस-जिस को चाह था कभी अपना बनाना यहाँ,
हर उस शख्स को ही अपने दुश्मनो में पाते रहें थे.
मैंने कभी न चाहा था बुरा किसी का अपनी जिंदगी में,
फिर क्यों ये जहाँ आज भी मुझसे रूठा-रूठा सा लगता है?
अगर कोई बातें भी कर ले कभी दो-चार मीठी सी मुझसे,
उसका हर एक लब्ज मुझे जाने क्यों झूठा-झूठा सा लगता है?
अगर चाहते हो कुछ प्यार की बातें करना यहाँ तुम गैरों से,
तो तुमको खुद ही पहले कुछ उनसे प्यार भरा कहना होगा!
इस तरह से जिंदगी नहीं गुजरती है जिंदगी भर यहाँ मंगल,
औरो से खुशी पाने के लिए तुमको भी थोडा सा खुशी से रहना होगा!
Sep 8, 2009
प्यासी जवानी
जाने लोग कैसे पहुच जाते है इश्क में उस मुकाम पर,
जब बन जाते है वो एक-दूजे के लिए दिलजानी है.
मेरी और उनकी तो इश्क में बस इतनी सी कहानी है,
हमारी दो-दो सूजी हुई आँखे और उनमे बचा थोडा सा पानी है.
अपना दिया हुआ हर एक गुलाब किताबो में उनकी दम तोड़ चुका,
और उन्हें ये अब याद भी नहीं की ये किस आशिक की निशानी है.
अब तो याद करके गुजरेगी तमाम उम्र अपनी जब कहा था उसने,
अब तो वो भी बन चुकी शायद मेरे प्यार में पूरी की पूरी दीवानी है.
उफ़! यह जहाँ तो लूटता है अक्सर मज़े तमाम इस मोह्हबत में मंगल,
अगर बची है कोई बस प्यार के लिए तो वों शायद तेरी ही प्यासी जवानी है......
जब बन जाते है वो एक-दूजे के लिए दिलजानी है.
मेरी और उनकी तो इश्क में बस इतनी सी कहानी है,
हमारी दो-दो सूजी हुई आँखे और उनमे बचा थोडा सा पानी है.
अपना दिया हुआ हर एक गुलाब किताबो में उनकी दम तोड़ चुका,
और उन्हें ये अब याद भी नहीं की ये किस आशिक की निशानी है.
अब तो याद करके गुजरेगी तमाम उम्र अपनी जब कहा था उसने,
अब तो वो भी बन चुकी शायद मेरे प्यार में पूरी की पूरी दीवानी है.
उफ़! यह जहाँ तो लूटता है अक्सर मज़े तमाम इस मोह्हबत में मंगल,
अगर बची है कोई बस प्यार के लिए तो वों शायद तेरी ही प्यासी जवानी है......
क़यामत क्या है?
कैसे समझाए इस दिल के गम की हकीक़त क्या है,
बहुत मुद्दत के बाद मिली हमको नसीहत क्या है,
अपनी बिगड़ी हुई जिंदगी का गिला किस से करे,
कौन जानेगा यहाँ की हमको शिकायत क्या है,
प्यार करके भी वोह न समझ सके मोह्हबत की ज़बान को,
कैसे उनको बताये इस प्यार की कीमत क्या है,
हमने तो हर सांस पर उनको दुआ दी थी दिल से,
वोह फिर भी पूछते है की मेरे दिल की ताक़त क्या है,
अक्सर कहते है की उन्हें है मोह्हबत खूब हमसे,
गर यह है उनकी मोह्हबत तो फिर नफरत क्या है,
कोई उम्मीद वफ़ा की न नज़र आएगी यहाँ पर मंगल,
इस तरह जीना जिंदगी है तो फिर क़यामत क्या है.......
बहुत मुद्दत के बाद मिली हमको नसीहत क्या है,
अपनी बिगड़ी हुई जिंदगी का गिला किस से करे,
कौन जानेगा यहाँ की हमको शिकायत क्या है,
प्यार करके भी वोह न समझ सके मोह्हबत की ज़बान को,
कैसे उनको बताये इस प्यार की कीमत क्या है,
हमने तो हर सांस पर उनको दुआ दी थी दिल से,
वोह फिर भी पूछते है की मेरे दिल की ताक़त क्या है,
अक्सर कहते है की उन्हें है मोह्हबत खूब हमसे,
गर यह है उनकी मोह्हबत तो फिर नफरत क्या है,
कोई उम्मीद वफ़ा की न नज़र आएगी यहाँ पर मंगल,
इस तरह जीना जिंदगी है तो फिर क़यामत क्या है.......
Sep 7, 2009
“You are my strength”
Whenever I'm feeling lonely
or maybe feeling deep blue
I think of all the things
all the little things you often do.
Whenever I feel lousy
and seem to have a frown
I remember all the funny times
and you just turn it upside down.
Whenever I'm feeling depressed
and need you by my both side
I remember all the sweet things you say
to make the sadness go away.
When I need a shoulder to cry on
you are always there as my strength
Taking away all my fears and loneliness
when my life's a totally mess.
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