Jan 31, 2010

"न जाना होता....."

मैं अपनी जिंदगी के किस अजीब से मोड़ पर खड़ा हूँ,
इस मोड़ के हर तरफ बस सड़क ही सड़क जाती हैं.
हर एक सड़क खुद रहगुजर है किसी अपनी मंजिल की,
वो मंजिल जो कभी मेरी जिंदगी का आखरी मकसद थी.
जाने आज फिर से क्यों हवा उसी मंजिल को बह रही हैं?
और न चाहते हुए भी मुझे उसी पुरानी राह पर जाना होगा.
यूँ तो हर राह की खुद अपनी एक बिल्कुल अलग कहानी है,
मगर मुझे तो इस राह की जुबानी अपनी कहानी सुनानी हैं.
कभी खड़ा रहता था हर दम दिल से में बस उसकी राह पर,
पर जाने क्यूँ मेरे हम दम ने मुझे और राह दोनों को बदल दिया?
माना मैं नहीं था कभी भी तेरे दिल और तेरे प्यार दोनों के काबिल
अरे मुझ से सिर्फ कहा होता, मैं खुद ही अपनी राहों को बदल देता.
और इस तरह तेरे उस हम दम को तेरे जीते-जी कभी भी मंगल,
छिपने के लिए इस दुनिया से उस दुनिया की राह पर न जाना होता..

Jan 29, 2010

"I wanna you forever"

I love you Every moment,
however with you I spend here
Moonlight or morning sun
both illuminate our destinations

I know there's nobody else
only you can fill me
The love with you is more beautiful
for you only sky is blue
so come and make me happy

Oh my god!
what should i say about tomorrow?
when everything will be different?
but i know one fact forever,
I wanna you forever
my love is so pure, sublime and spring
I wanna you forever
oh baby!i wanna you forever

I written your name
within my heart's beats,
In a song with the wind,
by your eyes I see everything,
That one day I wanted to see
in this world nothing is like you

for you my love is simple
for you only, sky is blue
so come and make me happy

Oh my good about everything is different
I wanna you forever
my love is so pure, sublime and spring
I wanna you forever
really! i wanna you forever ...

Dec 26, 2009

"इश्क किया नहीं जाता बस खुद-ब-खुद हो जाता हैं."

लो इन दिनों दिल मेरा कुछ अजीब सा हैं,
मानो या न मानो तुम कोई मेरे करीब सा हैं.
मैं तो हर एक पल उनकी ही यादों में खोया हूँ,
वो न दिखे जब भी मुझको तो मैं खूब रोया हूँ.
इस एक तरीके से जिंदगी को गुनगुना रहा हूँ,
खुशी हो या गम बस प्यार का गीत गा रहा हूँ.
तुम चाहो तो भी मेरी तरह से नहीं जी सकते मंगल,
क्यूंकि इश्क किया नहीं जाता बस खुद-ब-खुद हो जाता हैं.....

Dec 2, 2009

"जगा ले मुझको"

आइना बनाकर अपने इस दिल में लगा ले मुझको,
मैं तो हूँ तस्वीर तेरी घर में अपने सजा ले मुझको.
इन काली तेज़ आँधियों में रोशन आखिरी चिराग हूँ,
हवाओं से बुझ जाऊंगा अब आकर तू बचा ले मुझको.
दीदारे-हसरत से तेरे आज देखता हूँ मैं घर को तेरे,
कहीं कोई तेरी इस गली से आज न निकाले मुझको.
हाँ,मेरी तो राख भी रहेगी सच में एहसान मंद तेरी,
गर समझकर मेहंदी एक बार हथेली पर रचा ले मुझको.
अकेला उड़ता परिंदा हूँ,नोच देंगे ये दरिन्दे शायद मुझे,
तू अपने इस दामन में आज कही अन्दर छुपा ले मुझको.
उम्र-भर तो इस जहाँ की फ़िक्र में जगा रहा हूँ मैं यहाँ,
अरे कुछ देर तो अपनी बाँहों के दरमियाँ तू सुला ले मुझको.
हर एक बार मैंने ही मनाया है इन रूठे हुए लोगों को यहाँ,
इस आखिरी बार तो आकर तू प्यार से बस मना ले मुझको.
मुद्दत से सोया हुआ हैं अपनी ही तन्हाई के साथ में मंगल,
अब तो कोई जरा से प्यार से इस नींद से जगा ले मुझको...

Nov 27, 2009

कमसिन जवानी

देखकर  आपकी  इस  तड़पती  कमसिन  जवानी  को ,
मेरे  भी  लबो  पर  मीठा  सा  पानी  आ  गया .
जो  एक  बार  दिखाया  मैंने  आपको  कुछ  अपना ,
वो  एक  बार  में  आपके  मन  भा  गया .
तेरे  इन  लाल -लाल  लबों  की  रसभरी  फांकें ,
इनको  चूस -चूसकर  पीने को  मन  करता  है .
कहीं  खता  न  हो  जाये  दोनों  से  जरा  बहक  कर ,
इस  एक  बात  के  लिए  शायद  तेरा-मेरा  मन  डरता  हैं .
छोडो  अब  इस  जमाने  की  बातों  को  मेरे प्यारे से हमदम  ,
आज  तो  कुछ  देर  के  लिए  तू  पास  मेरे  आजा .
टूट  जाने  दे  बीच  की  हर -एक  दीवार  को मंगल ,
आज  तो  कुछ  इस  तरह  से  तू  मुझ  में  पूरी समां  जा .

बहुत याद आया

आज बिछड़ा हुआ एक दोस्त बहुत याद आया,
अच्छा गुज़रा हुआ कुछ वक्त बहुत याद आया,

कुछ लम्हे, साथ बिताए कुछ पल,
साथ मे बैठ कर गुनगुनाया वो गीत बहुत याद आया,

इक मुस्कान, इक हँसी, इक आँसू, इएक दर्द,
वो किसी बात पे हँसते हँसते रोना बहुत याद आया,

वो रात को बातों से एक दूसरे को परेशान करना,
आज सोते वक्त वही ख्याल बहुत याद आया,

कुछ कह कर उसको चिढ़ाना और उसका नाराज़ हो जाना,
देख कर भी उसका अनदेखा कर परेशान करना बहुत याद आया,

मुझे उदास देख उसकी आँखें भर आती हैं,
आज अकेला हूँ तो वो बहुत याद आया,

मेरे दिल के करीब थी उसकी बातें,
जब दिल ने आवाज़ लगाई तो बो बहुत याद आया,

मेरी ज़िन्दगी की हर खुशी मे शामिल उसकी मौजूदगी,
आज खुश होने का दिल किया तो वो बहुत याद आया,

मेरे दर्द को अपनानाने का दावा था उसका,
मुझ से अलग हो मुझे दर्द देने वाला बहुत याद आया,

मेरी कविता पर कभी हँसना तो कभी हैरान हो जाना,
सब समझ कर भी अन्जान बने रहना बहुत याद आया,

उनकी पुरानी तस्वीरों को लेकर बैठा है आज मंगल,
फिर मिलने की उम्मीद देकर जिसका अलविदा कहना बहुत याद आया

तुम भी अब जवानी में आ गए.....

जाने क्या सोच कर मोह्हब्बत की राह पर आगये,
क्या देखा उन्होंने मुझमे ऐसा जो उनको भी भागए.
हमने तो बस शेखी में यूँही कर दिए थे कुछ इशारे,
मगर वो तो फौरन ही असली मुद्दों पर आ गए.
मैंने जो पकड़ना चाहा था हाथो को हल्के से उनके,
वो तो एकदम से ही मेरे इन पहलुओ में समां गए.
बीच-बीच में थोडी-थोडी शरारत भी चलती रही,
और वो इस तरह से हमे प्यार करना ही सिखा गए.
अचानक से छु गयी थी उंगलिया उनके नाजुक लबो से,
और वो लेकर अपने लबो को हमारे लबो में ही समां गए.
काफी देर तक युही कोशिश करता रहा था उन पर मंगल,
तो आखिर में वो बोले की तुम भी अब जवानी में आ गए.....