Sep 8, 2009

जिंदगी

उफ़ इन कहने वालो का क्या ये तो सदा कहते ही रहते है.
तू सुन तो बातों को इनकी पर सदा इनका एहतराम न कर.
कितने ही काम है यहाँ पर जिनके लिए दिल हामी नहीं भरता,
चाहे खुद कहे खुदा भी तुझसे तब भी तू वों सभी काम न कर.
अब दिल तो तोड़ ही दिया है उन्होंने भले तोडा हो कुछ अदा से,
मतलब वों भी है अब बेवफा और तू किसी बेवफा को सलाम न कर.
अरे वों सनम न सही तो अब कोई और सनम मिल जायेंगे जहाँ में,
यादों में तड़प कर किसी एक की मोह्हबत को अब और बदनाम न कर.
जरा अपनी नज़र को बदल और देख की दुनिया कितनी रंगीन है मंगल,
बगैर मुस्कराहट के अपनी इस हसीन जिंदगी का इतना बेरंग अंजाम न कर.......

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